बचाव अभियान में कैमरों और ऑक्सीजन सप्लाई की मदद से तलाश जारी, CM रेखा गुप्ता बोलीं- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 6 सितंबर।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अब तक मलबे से 11 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। पुलिस के अनुसार, बचाए गए लोगों में से तीन की मौत हो गई है। वहीं, आशंका है कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। मलबे में 30 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
बचाव अभियान में जुटी टीमें मलबे के अंदर फंसे लोगों का पता लगाने के लिए कैमरों की मदद ले रही हैं। संभावित रूप से फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। राहत और बचाव कार्य में शामिल एजेंसियां मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की हर संभव कोशिश कर रही हैं।
CM रेखा गुप्ता ने लिया हालात का जायजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन पहुंचकर हादसे के बाद हालात का जायजा लिया। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना है। सभी संबंधित एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बचाए गए लोगों की सेहत की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं और बचाव अभियान के लिए जरूरी संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
बेसमेंट में खुदाई के दौरान खिसका पिलर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इमारत पुरानी थी और उसमें निर्माण तथा मरम्मत का काम चल रहा था। बताया गया कि बेसमेंट में खुदाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई।
रेखा गुप्ता ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार व्यक्ति इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इमारत का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट यानी PG के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत के अंदर युवा मौजूद थे। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
बचाव टीमें सावधानी से मलबा हटाते हुए अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। इस दौरान कैमरों और ऑक्सीजन सप्लाई की मदद ली जा रही है, ताकि मलबे के अंदर मौजूद लोगों का पता लगाया जा सके।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचीं मुख्यमंत्री
मलबे से बाहर निकाले गए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचीं और अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव अभियान के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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