Delhi Universities को उद्योग, कौशल, रोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने जोर दिया
नौ राज्य विश्वविद्यालयों की बैठक में वैश्विक साझेदारी, शोध, NAAC और NIRF तैयारियों पर चर्चा हुई
न्यूज़म ब्यूरो
दिल्ली, 03 सितंबर | दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में दिल्ली के नौ राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ना रहा।
उपराज्यपाल ने छात्रों के लिए बेहतर करियर अवसर तैयार करने पर जोर दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालयी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की बात कही।

Delhi Universities में उद्योग आधारित शिक्षा पर फोकस
उपराज्यपाल ने कहा कि छात्रों को व्यावहारिक और रोजगार योग्य कौशल मिलने चाहिए।
विश्वविद्यालयों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं को समझना होगा।
छात्रों को पढ़ाई के साथ उद्योगों से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए।
इससे युवाओं के लिए आय और रोजगार के बेहतर अवसर तैयार हो सकते हैं।
उन्होंने शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता बताई।
वैश्विक साझेदारी और दिल्ली आधारित शोध पर जोर

बैठक में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को वैश्विक संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए कहा।
उन्होंने दिल्ली से जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित शोध को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
विश्वविद्यालयों का शोध राष्ट्रीय राजधानी की वास्तविक चुनौतियों के समाधान में मदद कर सकता है।
उन्होंने कहा कि शोध और नवाचार का सीधा संबंध वास्तविक जरूरतों से होना चाहिए।
शोध के परिणाम समाज और अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी समाधान प्रदान कर सकते हैं।
Delhi Universities में मेंटरशिप और सामाजिक भागीदारी
उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में मजबूत मेंटरशिप कार्यक्रमों की जरूरत बताई।
उन्होंने छात्रों की विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
NCC और NSS गतिविधियों में अधिक छात्रों को शामिल करने की बात कही गई।
छात्रों को नागरिक जिम्मेदारियों और आपातकालीन सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा।
इसका उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करना है।
स्टार्टअप और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में छात्रों द्वारा शुरू किए जाने वाले स्टार्टअप पर विशेष चर्चा हुई।
विश्वविद्यालयों को युवा उद्यमियों के लिए मजबूत सहयोगी वातावरण बनाने को कहा गया।
नवाचार करने वाले छात्रों को अपने विचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलना चाहिए।
इससे युवा रोजगार खोजने के साथ रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं।
उद्यमिता को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
NAAC और NIRF तैयारियों पर भी चर्चा
उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को NAAC मान्यता के लिए बेहतर तैयारी करने को कहा।
NIRF रैंकिंग में सुधार के लिए संस्थागत प्रदर्शन मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बैठक में शिक्षा गुणवत्ता, शोध और बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण बताया गया।
नवाचार और बेहतर संस्थागत प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई गई।
युवाओं के विकास से जुड़ेगा दिल्ली का भविष्य
उपराज्यपाल ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रासंगिक कौशल युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करेंगे।
उद्यमिता के अवसर युवा नवाचार को नए आर्थिक अवसरों से जोड़ सकते हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी युवाओं को बेहतर और जागरूक नागरिक बनाने में मदद करेगी।
बैठक में दिल्ली के विश्वविद्यालयों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी जोर दिया गया।
इन संस्थानों को उद्योग और समाज की जरूरतों से अधिक मजबूती से जोड़ने की योजना है।
बैठक का उद्देश्य पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर युवाओं को व्यावहारिक अवसर देना है।
यह पहल युवाओं को ज्ञान, कौशल और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ सकती है।
यह भी पढ़ें: Delhi में उद्यम और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।