दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद सरकार ने सुरक्षा नियम कड़े करने का फैसला किया है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने PG Safety Rules को लेकर नई नीति बनाने की जानकारी दी
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 7 सितंबर | PG Safety Rules के तहत दिल्ली सरकार पीजी, स्कूल, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक इमारतों के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी कर रही है। सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नियमित संरचनात्मक ऑडिट और सुरक्षा प्रमाणपत्र को अनिवार्य बनाने की बात कही है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार बिना सुरक्षा प्रमाणपत्र किसी भवन में सार्वजनिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकेंगी। असुरक्षित पीजी में छात्रों को रहने की अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और नगर निगम मिलकर इस नीति पर काम कर रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था में भवनों का समय-समय पर संरचनात्मक निरीक्षण कराया जाएगा।
इस जांच का उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

PG Safety Rules के तहत नियमित जांच जरूरी
नई व्यवस्था में सार्वजनिक इस्तेमाल वाली इमारतों का नियमित ढांचागत ऑडिट कराया जाएगा।
पीजी, स्कूल, नर्सिंग होम और अन्य संस्थानों को सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना होगा।
नियमों का पालन नहीं करने वाली इमारतों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असुरक्षित पीजी में छात्रों को रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।
इस नीति में छात्र आवासों को विशेष प्राथमिकता देने की तैयारी है।
PG Safety Rules में नियम तोड़ने पर सीलिंग
सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास की इमारतों की भी जांच शुरू की गई है।
जिन भवनों में नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उन पर सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है।
दिल्ली में नियमों के खिलाफ बने पांच मंजिला भवनों की भी जांच होगी।
अधिकारियों को भवनों की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने कहा है कि जांच में गंभीर कमी मिलने पर तुरंत कदम उठाया जाएगा।
PG Safety Rules में अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्रवाई का दायरा केवल भवन मालिकों तक सीमित नहीं रखा है।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही।
निगरानी में कमी या नियमों की अनदेखी मिलने पर विभागीय कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिम्मेदारी तय करने में किसी तरह की रियायत नहीं होगी।
सरकार हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराने पर जोर दे रही है।
PG Safety Rules के बाद छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
सत्य निकेतन की प्रभावित इमारत से निकाले गए छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
सरकार ने कॉलेज छात्रावासों में उनके रहने की व्यवस्था की है।
प्रशासन प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के संपर्क में भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार ने छात्रों की सुरक्षा और राहत को प्राथमिकता देने की बात कही है।
PG Safety Rules का दायरा बढ़ाने की तैयारी
नई नीति केवल पीजी भवनों तक सीमित नहीं होगी।
सरकार इसमें स्कूल, नर्सिंग होम और अन्य सार्वजनिक इमारतों को भी शामिल करेगी।
नियमित संरचनात्मक जांच से कमजोर भवनों की पहचान पहले हो सकेगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में भवन सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।
अब सरकार की नई नीति से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है।
नीति लागू होने के बाद भवन संचालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ सकती है।
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