18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर लुटियंस दिल्ली और वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा के कई घेरे, एयरपोर्ट से भारत मंडपम और होटलों तक चप्पे-चप्पे पर नजर
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 11 सितंबर।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। सम्मेलन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। लुटियंस दिल्ली और वीवीआईपी इलाकों को सुरक्षा के कई घेरों में रखा गया है। एयरपोर्ट से लेकर भारत मंडपम और विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों तक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
30 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
सम्मेलन की सुरक्षा के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों को तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है। कुल मिलाकर 30 हजार से अधिक सुरक्षाबल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
विदेशी मेहमानों की आवाजाही वाले मार्गों, कार्यक्रम स्थल और उनके ठहरने वाले होटलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को अलग-अलग स्तरों में बांटकर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
वीवीआईपी इलाकों में 500 से ज्यादा सीसीटीवी
वीवीआईपी इलाकों में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें फेस रिकग्निशन सिस्टम और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से अलग-अलग इलाकों में लगाए गए कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
वीवीआईपी इलाकों को अलग-अलग जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक डीसीपी को सौंपी गई है। विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट से होटल और कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने के दौरान भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
होटलों में भी सुरक्षा के कई घेरे
विदेशी मेहमान जिन होटलों में ठहरेंगे, वहां भी सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए हैं। होटल के आसपास के इलाकों के साथ प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां मेहमानों की आवाजाही वाले पूरे रूट पर निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की गुंजाइश न रहे।
वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान ही बंद होंगे रास्ते
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आम लोगों के लिए सभी रास्तों को लगातार बंद नहीं किया जाएगा। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान जरूरत के मुताबिक कुछ रास्तों को थोड़े समय के लिए बंद किया जा सकता है।
पुलिस ने लोगों से प्रभावित मार्गों से बचने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है। ब्रिक्स समिट के दौरान मेट्रो सेवाओं पर सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। ऐसे में सड़क मार्ग पर अस्थायी बदलाव होने के बावजूद मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को सामान्य तौर पर राहत मिलने की उम्मीद है।
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