पीयूष गोयल ने सदस्य देशों के पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की वकालत की, डिजिटल भुगतान के नए मॉडल पर चर्चा
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 11 सितंबर।
ब्रिक्स समिट के दौरान अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और सदस्य देशों के बीच स्थानीय करेंसी में व्यापार बढ़ाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स सदस्य देशों से अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की बात कही है।
ब्रिक्स का लंबे समय से जोर रहा है कि सदस्य देशों के बीच होने वाले आपसी व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम की जाए। इसी दिशा में अब स्थानीय मुद्राओं में भुगतान को आसान बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
डिजिटल पेमेंट सिस्टम को जोड़ने की तैयारी
ब्रिक्स देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी सीबीडीसी को आपस में जोड़ने के विकल्पों पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच अपनी-अपनी करेंसी में भुगतान को आसान बनाना है।
जिस तरह भारत में यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है, उसी तरह ब्रिक्स देशों के अलग-अलग फास्ट पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने का विचार है। इससे सदस्य देशों के बीच भुगतान तेज और आसान हो सकता है और हर लेन-देन में डॉलर की जरूरत कम हो सकती है।
हालांकि, अभी किसी एक मॉडल को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। मौजूदा चर्चा का फोकस ब्रिक्स की कोई नई साझा करेंसी बनाने के बजाय सदस्य देशों की अपनी-अपनी करेंसी में डिजिटल भुगतान को आसान बनाने पर है।
आपसी व्यापार का हिसाब एक साथ करने का विकल्प
ब्रिक्स देशों के बीच भुगतान व्यवस्था को लेकर एक अन्य मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत दो देशों के बीच होने वाले प्रत्येक लेन-देन का अलग-अलग भुगतान करने के बजाय एक निश्चित अवधि के दौरान दोनों देशों के बीच हुए पूरे व्यापार का हिसाब किया जा सकता है।
इस व्यवस्था में दोनों देशों ने एक-दूसरे से कितना सामान खरीदा और कितना बेचा, इसका कुल अंतर निकाला जाएगा। इसके बाद केवल अंतर की राशि का भुगतान किया जा सकता है। इससे विदेशी मुद्रा में होने वाले लेन-देन को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉलर पर निर्भरता कम करने की कवायद
स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और आपस में जुड़े डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए ब्रिक्स देश डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे सदस्य देशों के बीच व्यापार में भुगतान की प्रक्रिया आसान होने के साथ विदेशी मुद्रा की जरूरत भी घट सकती है।
हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इस बार ब्रिक्स समिट में स्थानीय करेंसी में व्यापार और वैकल्पिक भुगतान व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी डॉलर पर निर्भरता कम करने और ब्रिक्स देशों के बीच अपनी-अपनी करेंसी में आपसी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
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