चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एआईएसए की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया, पुलिसकर्मी के व्यवहार पर उठे सवाल
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और वामपंथी संगठन भी आंदोलन में शामिल हुए हैं। इसी बीच, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लेने की कार्रवाई विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्हें पकड़ने के दौरान एक पुरुष पुलिसकर्मी का हाथ उनके सीने से छूता दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। घटना के बाद नेहा ने नाराजगी जताई और संबंधित पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर हाथ जोड़कर माफी मांगी।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। सीजेपी के साथ वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि कुछ कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश करते रहे।
इसी दौरान नेहा बोरा और उनके कुछ साथी पुलिस से बचकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि नेहा को पकड़ते समय एक पुरुष पुलिसकर्मी का हाथ उनके सीने से छू गया। इसके बाद नेहा ने कड़ी नाराजगी जताई। वायरल वीडियो के मुताबिक, पुलिसकर्मी ने हाथ जोड़कर माफी मांगी। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और पुलिस की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस कार्रवाई के वीडियो पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर पुलिस की कार्रवाई और महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के तरीके पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वहीं, सीजेपी और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इन आरोपों पर चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
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