बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता, पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भिवाड़ी से पकड़ा गया; हादसे में 7 लोगों की मौत, मृतकों में 5 छात्र शामिल
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 7 सितंबर। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने संपत्ति के मालिक और लाभार्थी हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार करने के बाद दिल्ली लाया गया और आरके पुरम थाने ले जाया गया है।
जांच में सामने आया है कि हादसे वाली प्रॉपर्टी उर्मिला गुप्ता के नाम पर है। इसे उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता मैनेज और संचालित कर रहे थे। हरिराम गुप्ता के नाम पर बिल्डिंग की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन हैं। वह इंडियन एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट हैं। वहीं, महेश गुप्ता हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाते हैं और उनके दो बच्चे हैं।
बेसमेंट में चल रहा था निर्माण कार्य
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हादसे के समय बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी निर्माण कार्य की वजह से बिल्डिंग गिरने की बात सामने आई है। निर्माण कार्य में मजदूर भी लगे हुए थे और उनके बयानों से भी इस बात की पुष्टि हुई है।
पुलिस अब पीजी संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की तलाश कर रही है। मामले में उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
27 घंटे चला राहत और बचाव अभियान
सत्य निकेतन हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 27 घंटे तक चला। राहत और बचाव अभियान कल दोपहर 1:30 बजे शुरू हुआ था और आज शाम 5 बजे इसे समाप्त किया गया। एजेंसियों ने कुल 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला।
हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 5 छात्र शामिल हैं। मृतकों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं।
हादसे में 7 लोगों की मौत
मृतकों में सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र अभिषेक, दुर्ग, छत्तीसगढ़ के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी, औरैया, उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय छात्र पवन, देवास, मध्य प्रदेश के 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज और कटनी, मध्य प्रदेश के 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव शामिल हैं।
इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। एक मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
हादसे में घायल असगर अली, नीरज बावा, आदित्य कुमार, नितीश चिब और मोहम्मद अयान का इलाज चल रहा है। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई गई है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके थे हरिराम गुप्ता
बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस ने इससे पहले भी मालिक हरिराम गुप्ता की गिरफ्तारी की थी। पुलिस ने उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ा था। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। घटना के तुरंत बाद पालम विहार स्थित उसके आवास पर छापेमारी भी की गई थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला था।
पुलिस ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उसके किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपे होने की आशंका जताई थी। इसके बाद उसके करीबियों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी।
MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद नगर निगम ने भी कार्रवाई की है। MCD के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई
सत्य निकेतन में पीजी हॉस्टल के तौर पर चल रही दो इमारतों के गिरने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वह दिल्ली सरकार, केंद्र और MCD की ओर से पेश होंगे। हाईकोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
सरकार करेगी PG और कोचिंग संस्थानों वाली इमारतों की जांच
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि राजधानी में पढ़ाई के लिए आने वाले लाखों छात्रों के लिए रेजिडेंशियल सुविधाओं की कमी को दूर करने पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि PG और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों में इमारतों की जांच सभी संबंधित विभाग मिलकर करेंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हॉस्टल विकसित करने के लिए FAR में अतिरिक्त बढ़ोतरी और PG तथा संस्थानों को नियमित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है। सरकार के संबंधित विभाग इन फैसलों को लागू करने का काम करेंगे।
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