Delhi Forensic lab : शेख सराय में 151.81 करोड़ से बनेगी अत्याधुनिक प्रयोगशाला

CM Rekha Gupta announces three Festival Committees CM Rekha Gupta announces three Festival Committees
CM Rekha Gupta announces three Festival Committees

दिल्ली में आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक हुई

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली,  13 सितंबर | Delhi Forensic Lab परियोजना के तहत दिल्ली के शेख सराय में 151.81 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में परियोजना को मंजूरी मिली। नई प्रयोगशाला करीब 6,300 वर्गमीटर के भूखंड पर बनेगी और इसका कुल निर्मित क्षेत्र 18,300 वर्गमीटर होगा। लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। यह सुविधा नए आपराधिक कानूनों के तहत बढ़ी फोरेंसिक जांच की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। नई प्रयोगशाला रोहिणी स्थित मौजूदा एफएसएल की वैज्ञानिक सहायता को भी मजबूत करेगी। इससे दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, नई सुविधा से साक्ष्यों की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे साक्ष्य आधारित जांच को मजबूती मिलेगी और न्यायिक मामलों में समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। परियोजना दिल्ली के वैज्ञानिक जांच ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Delhi Forensic Lab  : 6,300 वर्गमीटर में बनेगी नई सुविधा

शेख सराय में बनने वाली प्रयोगशाला करीब 6,300 वर्गमीटर के भूखंड पर विकसित होगी।
इसका कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 18,300 वर्गमीटर होगा।
भवन का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाएगा।
इसे वैज्ञानिक जांच की विशेष जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया जाएगा।

नई सुविधा को एकीकृत फोरेंसिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
यहां विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच की जा सकेगी।
इससे पुलिस और जांच एजेंसियों को बेहतर तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।

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Delhi Forensic Lab  : नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप बढ़ेगी क्षमता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई प्रयोगशाला की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के कारण फोरेंसिक जांच की जरूरत बढ़ी है।
भारतीय न्याय संहिता ने आपराधिक मामलों की जांच में कई बदलाव किए हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम भी लागू हैं।

इन बदलावों के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों का महत्व और बढ़ा है।
नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला बढ़ती जांच जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।
इससे वैज्ञानिक जांच की उपलब्ध क्षमता को भी विस्तार मिलेगा।

Delhi Forensic Lab   : रोहिणी एफएसएल को भी मिलेगा सहयोग

नई प्रयोगशाला रोहिणी स्थित मौजूदा एफएसएल की क्षमता को मजबूत करेगी।
दोनों सुविधाओं के जरिए वैज्ञानिक जांच से जुड़ी जरूरतों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
फोरेंसिक विज्ञान आपराधिक मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।

नई सुविधा से पुलिस को साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच में अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
इससे मुकदमों के लिए जरूरी वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
राजधानी की कानून व्यवस्था से जुड़ी जांच प्रक्रिया को इससे मजबूती मिल सकती है।

दक्षिण और मध्य दिल्ली को मिलेगा सीधा लाभ

नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला से दिल्ली के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
खासकर दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली की जरूरतें इससे पूरी होंगी।
इन क्षेत्रों में जांच से जुड़े साक्ष्य अब अधिक सुगमता से भेजे जा सकेंगे।
नई सुविधा से मौजूदा ढांचे पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

सरकार का लक्ष्य वैज्ञानिक जांच की पहुंच को ज्यादा प्रभावी बनाना है।
इसके लिए आधुनिक भवन और जरूरी तकनीकी ढांचे पर जोर दिया गया है।

Delhi Forensic Lab  : साक्ष्यों की जांच होगी तेज

दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने परियोजना के महत्व पर बात की।
उन्होंने कहा कि नई सुविधा से साक्ष्यों की जांच तेज हो सकेगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है।

उनके अनुसार, इससे साक्ष्य आधारित जांच व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समय पर रिपोर्ट मिलने से जांच एजेंसियों को फायदा हो सकता है।
इसका असर आपराधिक मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।

नई प्रयोगशाला के जरिए जांच से जुड़े लंबित मामलों का दबाव कम करने का प्रयास होगा।
साथ ही, वैज्ञानिक जांच की गुणवत्ता और क्षमता को बेहतर किया जा सकेगा।

दिल्ली में फोरेंसिक ढांचे के विस्तार की तैयारी

दिल्ली सरकार राजधानी में वैज्ञानिक जांच का बुनियादी ढांचा मजबूत कर रही है।
शेख सराय की नई प्रयोगशाला इसी दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है।
इसके जरिए आधुनिक फोरेंसिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

परियोजना पूरी होने के बाद जांच एजेंसियों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
साक्ष्यों की जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।
इससे आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को और मजबूत किया जा सकेगा।

नई प्रयोगशाला का लाभ पुलिस, जांच एजेंसियों और न्याय प्रक्रिया से जुड़े पक्षों को मिलेगा।
सरकार के अनुसार, इसका लक्ष्य वैज्ञानिक जांच को अधिक सक्षम और व्यवस्थित बनाना है।

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