Delhi Garbage Dumps : 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निपटान

Delhi Garbage Dumps Delhi Garbage Dumps
Delhi Garbage Dumps

दिल्ली में वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ों को कम करने की प्रक्रिया तेज हुई है

पिछले डेढ़ साल में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में बड़े पैमाने पर कचरे का निपटान किया गया है

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 04 सितंबर। Delhi Garbage Dumps में पुराने कचरे के निपटान का काम तेज हुआ है। ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर अब तक 2.1717 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण किया गया है। इससे करीब 100 एकड़ जमीन खाली होने का दावा किया गया है। दिल्ली में वर्षों पुरानी कचरे के पहाड़ों की समस्या को कम करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

Delhi Garbage Dumps
Delhi Garbage Dumps

Delhi Garbage Dumps  : ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में काम तेज

दिल्ली की तीन प्रमुख लैंडफिल साइट ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लंबे समय से कचरे से भरी हुई थीं।

Advertisement

इन स्थानों पर पुराने कचरे को हटाने और उसके प्रसंस्करण का काम लगातार किया जा रहा है। सरकार का ध्यान इन साइटों पर जमा कचरे की मात्रा कम करने पर है।

डेढ़ साल के भीतर 2.1717 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का प्रसंस्करण होने का दावा किया गया है। इससे करीब 100 एकड़ भूमि को खाली कराया गया है।

कचरे की मात्रा घटने से इन स्थलों पर उपलब्ध जमीन का दोबारा उपयोग करने की संभावना भी बढ़ी है।

Delhi Garbage Dumps से खाली हुई जमीन

कचरे के पहाड़ों का आकार कम होने के साथ बड़ी मात्रा में जमीन खाली होने का दावा किया गया है।

करीब 100 एकड़ जमीन के खाली होने को कचरा प्रबंधन अभियान की प्रमुख उपलब्धि के रूप में बताया गया है।

दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में जमीन की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में लैंडफिल साइटों पर जमा पुराने कचरे को हटाने से भूमि के उपयोग की नई संभावनाएं बन सकती हैं।

इसके अलावा कचरे के ढेर कम होने से आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय दबाव घटाने में भी मदद मिल सकती है।

Delhi Garbage Dumps  : दशकों पुरानी समस्या के समाधान का दावा

दिल्ली में कचरे के पहाड़ों की समस्या नई नहीं है। इन लैंडफिल साइटों पर कई वर्षों से लगातार कचरा जमा होता रहा है।

पुराने कचरे के निपटान की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होती है। इसके लिए कचरे को अलग करना, प्रसंस्करण करना और उचित तरीके से निपटाना पड़ता है।

सरकार का कहना है कि इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। लक्ष्य पुरानी समस्या को तेजी से कम करना और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

Delhi Garbage Dumps पर केंद्रित है सरकार का अभियान

इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों से जोड़कर पेश किया गया है।

सरकार का कहना है कि दिल्ली में दशकों से मौजूद कचरे की समस्या को प्रतिबद्धता के साथ सुलझाने की दिशा में काम जारी है।

ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में कचरे के प्रसंस्करण की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

इसके साथ ही खाली हुई जमीन और भविष्य में उपलब्ध होने वाले क्षेत्रों के उपयोग को लेकर भी आगे की योजना महत्वपूर्ण होगी।

Delhi Garbage Dumps  : आगे की चुनौती क्या है?

पुराने कचरे का निपटान होने के बाद भी नियमित कचरा प्रबंधन पर लगातार ध्यान देना जरूरी होगा।

लैंडफिल साइटों पर नए कचरे का दबाव बढ़ने से रोकना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

इसके लिए कचरे को स्रोत स्तर पर अलग करने और वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी होगी कि खाली कराई गई जमीन दोबारा कचरे के ढेर में न बदले।

डेढ़ साल में हुए काम से कचरे के पहाड़ों को कम करने की दिशा में प्रगति का दावा किया गया है। अब आगे की व्यवस्था इस अभियान की निरंतरता तय करेगी।

यह भी पढ़ें: Chief Minister Pilgrimage Scheme : संगत पवित्र यात्रा के लिए रवाना

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
↑
Tap to Refresh