Delhi Park Security Audit : दिल्ली के सभी पार्कों की होगी सुरक्षा जांच, 1 हफ्ते में रिपोर्ट तलब

Delhi Park Security Audit: LG Taranjit Singh Sandhu reviews park safety measures Delhi Park Security Audit: LG Taranjit Singh Sandhu reviews park safety measures
Delhi Park Security Audit: LG Taranjit Singh Sandhu reviews park safety measures

Delhi Park Security Audit के तहत राजधानी के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच होगी
कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से कथित गैंगरेप के बाद यह निर्देश सामने आया है

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 23 सितंबर। Aastha Kunj Park घटना के बाद दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस बढ़ा है।

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने अधिकारियों के साथ बैठक में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।
Delhi Police Patrolling बढ़ाने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
पार्कों में रोशनी, निगरानी और रखरखाव को लेकर एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद राजधानी के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपितों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी और उसके दोस्त को धमकाया था। बाद में मामले में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।

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घटना के बाद दिल्ली के सभी पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत पार्कों में रोशनी, सुरक्षा इंतजाम, पुलिस की मौजूदगी और साफ-सफाई जैसे बिंदुओं की जांच की जानी है। संबंधित एजेंसियों से तय समयसीमा के भीतर स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

 LG Taranjit Singh Sandhu reviews park safety measures
LG Taranjit Singh Sandhu reviews park safety measures;

Delhi Park Security Audit में इन व्यवस्थाओं की होगी जांच

Delhi Park Security Audit के तहत पार्कों में उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का आकलन किया जाएगा। इसमें पर्याप्त और काम कर रही लाइटों की स्थिति भी शामिल रहेगी। इसके अलावा सुरक्षा गार्डों की तैनाती और पार्क के भीतर निगरानी व्यवस्था को भी देखा जाएगा।

आस्था कुंज पार्क को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कई हिस्सों में रोशनी की कमी और सीमित निगरानी का उल्लेख किया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक मौके की पड़ताल में सात प्रवेश बिंदुओं पर सीमित गार्ड दिखाई दिए। वहीं, डीडीए ने अपने बयान में अलग शिफ्टों में सुरक्षा गार्ड तैनात होने की बात कही।

पार्क के भीतर अंधेरे हिस्सों और सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले हिस्से के पास एक गार्ड केबिन में बिजली नहीं थी और पार्क के भीतर सीसीटीवी कैमरों की कमी बताई गई।

Aastha Kunj Park के बाद Park Safety पर बढ़ा फोकस

Aastha Kunj Park की घटना के बाद सार्वजनिक पार्कों की Park Safety को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा बढ़ी है। यह पार्क करीब 142 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसके आसपास कई प्रमुख स्थान जुड़े हुए हैं। रिपोर्टों में पार्क के कुछ हिस्सों में अंधेरा, टूटी सीमाएं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कमियों का उल्लेख किया गया है।

डीडीए ने हालांकि पार्क में 27 गार्डों की व्यवस्था होने की बात कही है। उसके अनुसार तीन शिफ्टों में नौ-नौ गार्ड तैनात किए जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा ऑडिट के दौरान वास्तविक तैनाती और जरूरत के बीच अंतर की भी समीक्षा की जा सकती है।

Delhi Police Patrolling बढ़ाने पर जोर

Delhi Police Patrolling को लेकर भी अधिकारियों को संवेदनशील और अधिक आवाजाही वाले इलाकों में मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने पुलिस से महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक अलग महिला-केंद्रित पेट्रोलिंग यूनिट तैयार करने को भी कहा है। इसका उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर दृश्य पुलिस मौजूदगी बढ़ाना है।

इसके साथ ही vulnerable और ज्यादा भीड़ वाले क्षेत्रों में पैदल और मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग मजबूत करने की बात कही गई है। पार्कों के आसपास भी नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रोशनी और निगरानी को लेकर विशेष निर्देश

पार्कों में पर्याप्त रोशनी को सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना गया है। सुरक्षा जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि सभी लाइटें काम कर रही हैं या नहीं और अंधेरे हिस्सों में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जरूरत है या नहीं।

सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। आस्था कुंज पार्क से जुड़ी रिपोर्टों में प्रवेश द्वारों और अंदरूनी हिस्सों में कैमरों की स्थिति को लेकर सवाल सामने आए हैं।

RWA और एजेंसियों की साझेदारी पर भी जोर

पार्कों के रखरखाव और निगरानी में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन यानी आरडब्ल्यूए की भूमिका पर भी विचार किया जा रहा है। स्थानीय संस्थाओं और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से साफ-सफाई और नियमित रखरखाव बेहतर करने की कोशिश की जाएगी।

पार्क केवल हरित क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने और अन्य गतिविधियों के लिए आते हैं। इसलिए सुरक्षा, रोशनी, साफ-सफाई और नियमित निगरानी की व्यवस्था को एक साथ मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।

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