इमारत गिरने की घटना पर दुख जताते हुए घोष ने जांच की मांग की, राहुल गांधी और हुमायूं कबीर को लेकर भी दिया बयान
Rahul Gupta
नई दिल्ली, 7 सितंबर।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार पर लापरवाही के आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष पिछली अरविंद केजरीवाल सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने हादसे पर दुख जताते हुए इमारत की जांच की जरूरत बताई।
दिलीप घोष ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है कि हॉस्टल गिरने से छात्रों की जान गई। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि इमारत किसने बनवाई थी और छात्र उसमें क्यों रह रहे थे। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार पूरे मामले की जांच कराएगी।
केजरीवाल सरकार पर दिलीप घोष ने उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल की ओर से सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए जाने पर दिलीप घोष ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में इस इमारत की जांच क्यों नहीं कराई गई और कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
घोष ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार को सत्ता में आए करीब डेढ़ साल हुआ है, जबकि इमारत 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक दिल्ली में रही सरकारों ने इमारत की स्थिति की जांच क्यों नहीं कराई।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
सत्य निकेतन हादसे को लेकर राहुल गांधी की ओर से सवाल उठाए जाने पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि वे सवाल तो उठाते हैं, लेकिन उनके पास जवाब नहीं हैं।
घोष ने कर्नाटक में छात्रों के गौशाला में रहने का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी से इस पर जवाब मांगा।
हुमायूं कबीर पर हमले को लेकर भी बोले घोष
हुमायूं कबीर पर हुए हमले को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि बीजेपी के पास किसी पर अंडे फेंकने के लिए जाने का कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ऐसा किया है, उन्हें अपने किए का परिणाम भुगतना होगा।
घोष ने कहा कि आज जिसके साथ भी ऐसी घटना हो रही है, उसे अपना इतिहास देखना चाहिए और उसे अपने सवालों के जवाब मिल जाएंगे।
सत्य निकेतन हादसे में 6 लोगों की मौत
रविवार दोपहर दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके की एक तंग गली में बनी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई थी। इमारत में लड़कों का हॉस्टल संचालित हो रहा था और हादसे के समय अंदर छात्र मौजूद थे। इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है।
दिल्ली एम्स ने हादसे में 6 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है। बताया गया है कि हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में एफआईआर दर्ज की है।
हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पुलिस उसकी तलाश में गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस हादसे की वजह, इमारत में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य तथा पीजी हॉस्टल के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
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