कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि छात्रों के वोट बंटने से मौजूदा सत्ता को फायदा हुआ, कांग्रेस और वामपंथी दलों की रणनीति पर भी उठाए सवाल
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 20 सितंबर।
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ यानी डूसू चुनाव के नतीजों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर छात्र मौजूदा सरकार के खिलाफ हैं, लेकिन वोटों के बंटवारे का फायदा सत्ता पक्ष को मिला। उन्होंने चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों को यह भी याद रखने की सलाह दी कि वे “राजा या रानी” नहीं हैं और उन्हें बहुमत का समर्थन नहीं मिला है।
सौरव दास ने डूसू नतीजों पर क्या कहा
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि डूसू चुनाव के नतीजों से दो बातें सामने आती हैं। उनके मुताबिक, अधिकांश छात्र मौजूदा सरकार के खिलाफ हैं, लेकिन वे अलग-अलग खेमों में बंटे हुए हैं और इसी वजह से सरकार को फायदा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव में पद हासिल करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि वे राजा या रानी नहीं हैं, क्योंकि बहुमत ने उन्हें वोट नहीं दिया है।
कांग्रेस की रणनीति पर भी उठाए सवाल
सौरव दास ने कांग्रेस की रणनीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सीजेपी पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यह रणनीति पिछले 12 वर्षों से चल रही है और लोगों का धैर्य खत्म हो रहा है।
उन्होंने डूसू के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन की जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि एनएसयूआई का टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की।
दास ने वामपंथी दलों के बीच एकता को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग, हालांकि सभी नहीं, वैचारिक शुद्धता और विशिष्टता पर ज्यादा जोर दे रहे हैं और उन्हें जमीनी हकीकत को समझने की जरूरत है।
डूसू में एबीवीपी ने तीन पद जीते
2026 के डूसू चुनाव में एबीवीपी ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छाबड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। एनएसयूआई चारों केंद्रीय पदों में से कोई भी पद नहीं जीत सकी।
यश डबास को अध्यक्ष पद पर 24,576 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। रिया छाबड़ी ने 21,650 और लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले।
दीपांशु शौकीन की जीत भी रही चर्चा में
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत चुनाव के प्रमुख नतीजों में रही। शौकीन पहले एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं और उन्होंने संगठन से टिकट मांगा था। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।
डूसू चुनाव के नतीजों के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की ओर से प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। सौरव दास की टिप्पणी भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
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