दिल्ली सरकार की Vidya Vahini Yojana के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है
न्यूज़म ब्यूरो
दिल्ली, 1 सितंबर | Vidya Vahini Yojana के तहत छात्राओं को साइकिल वितरण पर उठे सवालों का भाजपा ने जवाब दिया। जानें GeM Portal, टेंडर प्रक्रिया, शिकायतकर्ता और साइकिल खरीद को लेकर भाजपा नेताओं ने क्या कहा।

Vidya Vahini Yojana पर भाजपा की सफाई
दिल्ली सरकार के मुख्य प्रवक्ता और विधायक अभय वर्मा ने साइकिल खरीद को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पूरी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।
उनके अनुसार, कक्षा 9 की छात्राओं के लिए साइकिल उपलब्ध कराने की योजना निर्धारित प्रक्रिया के तहत लागू हुई। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि योजना का उद्देश्य छात्राओं की शिक्षा और आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है। साइकिल वितरण को इसी उद्देश्य से जोड़ा गया है।
GeM Portal के जरिए हुई खरीद प्रक्रिया
अभय वर्मा ने बताया कि साइकिलों की खरीद भारत सरकार के GeM Portal के माध्यम से की गई। उनके अनुसार, इसके लिए खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई गई।
पात्र कंपनियों और प्रतिभागियों को निविदा में शामिल होने का अवसर दिया गया। निविदा निर्धारित समय के अनुसार जारी और खोली गई।
भाजपा के अनुसार, सबसे कम बोली लगाने वाले पात्र विक्रेता को आपूर्ति का आदेश दिया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रतिभागी की औपचारिक आपत्ति सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण शुरू होने के बाद इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। भाजपा ने इसे राजनीतिक विवाद बनाने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता की भूमिका पर उठाए सवाल
अभय वर्मा ने कथित शिकायतकर्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता का निविदा प्रक्रिया से कोई सीधा संबंध नहीं था।
उनके अनुसार, शिकायतकर्ता ने निविदा में भाग भी नहीं लिया था। ऐसे में खरीद प्रक्रिया पर लगाए गए सवालों की जांच आवश्यक है।
भाजपा नेताओं ने आम आदमी पार्टी से आरोपों के समर्थन में तथ्य सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक बयान पर्याप्त नहीं होने चाहिए।
साइकिल वितरण को लेकर सरकार का उद्देश्य
हरिश खुराना ने कहा कि खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी हुई। उन्होंने दोहराया कि चयन प्रक्रिया में सबसे कम पात्र बोली को प्राथमिकता मिली।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को आपत्ति थी, तो उसे निविदा प्रक्रिया के दौरान उठाना चाहिए था। वितरण शुरू होने के बाद आरोप लगाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
भाजपा के अनुसार, योजना छात्राओं की नियमित शिक्षा में सहायक बनने के उद्देश्य से बनाई गई है। साइकिलों से छात्राओं की आवाजाही अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
सरकार का फोकस छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने पर बताया गया है। इस बीच, साइकिल खरीद को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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